Ehsaas Aarzoo Dosti Shayari

एहसास-ए-आरज़ू को दिल से मिटा न सकोगे,
भूलना चाहो हमें भुला न सकोगे,
ये चिराग़-ए-दोस्ती दिल से जलाया हैं हमनें,
जल जाओगे मगर इसे बुझा ना सकोगे।

#Dosti Shayari
#Aarzoo Shayari

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