कैसी प्रीत - Kaisi preet

ये कैसी है प्रीत कि जिसमें,
 बेबस खुद को मन पाता है...
छुट के हाथों से मन मेर,
 जाकर तुझसे बंध जाता है...!!!

Comments

  1. Bahut hi achcha
    ka collection hai ek hi jagah par... Super
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