09 August, 2020

हजारों जख्म - Hjaron jakham

फूलो को जहा खिलना था 
वहीं खिलते तो अच्छा था ।
हमने तुम्हीं को चाहा था 
तुम्हीं मिलते तो अच्छा था 
हजारों ज़ख्म जिंदगी में मिले है 
तुम्ही सिलते तो अच्छा था

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