बुरा वक्त - Bura Waqt Shayari

Bura Waqt Hindi Shayari and Life Shayari
परेशां ख़ूब थे सब लोग मेरी बेबसी पर ।
मदद के वास्ते लेकिन कोई नहीं आया ।।
ये वही लोग थे, मैं जिनपे जाँ लुटाता था ।
पड़ा जब वक़्त बुरा, तब समझ कहीं आया ।।

Comments

Popular Posts