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Uski Masrufiyat Mera Intzaar

सब उसकी., मसरूफियत में शामिल हैं...!! बस एक ., मुझ  बे-ज़रूरी के सिवा.....!! #Uski Masrufiyat 

इतनी बदसलूकी

Life Shayari, Zindagi Imtihaan Shayari

इतनी बदसलूकी ना कर ऐ जिदंगी,
हम कौन सा यहाँ बार बार आने वाले है,
सुना है जिदंगी इम्तहान लेती है,
यहाँ तो इम्तहानों ने जिदंगी ले रखी है|

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