13 March, 2019

घिर के आईं - Yaad Shayari

Yaad Shayari, Mosam Shayari, Bahana Shayari,
घिर के आईं हैं याद की बदरी
आज मौसम रुलाएगा शायद
साथ रहकर भी हम न मिल पाए
हिज्र हमको मिलाएगा शायद।
आज भी वक़्त पर न आया ,वो
फिर बहाना बनाएगा शायद।

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