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तेरे दर पर

तेरे दर तक आ पहुंचे हम….!! अपना पीछा करते-करते….!!

होली आई रे - Happy Holi Kavita

Happy Holi Kavita

फिर बचपन की याद दिलाने
बैर  भाव को दूर भगाने
जीवन में फिर रंग बढाने
होली आई रे ...

बूढ़े दादा भुला कर उम्र को
दादी के गालों पर मलते रंग को
जीवन में बढ़ाने उमंग को
होली आई रे

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