26 March, 2019

अमीर-ए-शहर

Mohobat Shayari, Wafa Shayari

अमीर-ए-शहर से ऊँचा वकार रखता हूँ,
गरीब होके भी दिल मालदार रखता हूँ,
मिले जो वक़्त तो कर्ज ए वफ़ा चुका देना,
जा तुझपे अपनी महोब्बत उधार रखता हू..


0 comments

Post a Comment