03 January, 2019

Sad Shayari Collection - दर्द शायरी 2019

Sad Shayari Collection - Updated. हर तरह की दर्द भरी शायरी

Sad Shayari Collection - हर तरह की दर्द भरी शायरी


अब तो वो #खुश रहेगी हर #हाल में,
मुझे जो छोड़ आयी वो #पिछले साल में.....!!!


हर वक्त मिलती रहती है
मुझे अनजानी सी सज़ा
मै कैसे पूछूं तक़दीर से
मेरा कसूर क्या है.....

दर्द को भी सजाकर पेश करना पड़ता है...
यूँ ही नहीं लोग महफ़िलो में तालिया बजाते है..!!

मसला ये नही कि बो मेरी नही हुई..!
मलाल ये है कि आवारा बना दिया..!

अच्छे लगे तुम सो हमने बता दिया,
नुकसान ये हुआ कि तुम मगरूर हो गए।

मौत आए तो दिन फिरे शायद...
इस ज़िन्दगी ने तो मार डाला है...

मेरे नसीब.. मेरे हाथ काट गए...
वर्ना मैं तेरी मांग में सिन्दूर भरने वाला था...

कुचलते रहे लोग मुझे जब तक हम "फूल" से थे।
जबसे हम पत्थर बने लोगो ने भगवान बना लिया...!!

अच्छा हुआ कि तूने हमें तोड़ कर रख दिया,
घमंड भी तो बहुत था हमें तेरे होने का...

पूछ लेते वा हाल मेरा..
कितना आसान था इलाज मेरा....

किया तो इश्क़ था,
करनी #शायरी पड़ रही है.....!!!

मुद्दते लगती है किसी को अपना बनाने में
और लोग लम्हों में पराया कर देते है..

फ़ना हैं जिसमें जज़्बात के कई समन्दर,
बस, बस वही एक कतरा इश्क़ हूँ मैं....!!

मुस्कुराहटे झूठी भी हुआ करती है,
देखना नहीं इसको समझना भी सीखो..

एक ही समझने वाली थी मुझे,
अब वो भी समझदार हो गई

बड़े जोर से हँसे थे हम
बड़ी मुद्दतों के बाद...
आज फिर कहा किसी ने
मेरा एतबार कीजिए......

कोई गिला नहीं है अब मुझे किसी के भी रूठ जाने का..!
उजड़े हूये चमन को तो परिन्दे भी छोड़ देते हैं..!

मायूस से है अब तो दर्द भी मेरे....
.इन्हें भाता नही ना कोई इक सिवा तेरे।

कुछ दुरियाँ जरूर रखिए #रिश्तों के दरमियां,,
क्योंकि ज्यादा #नजदीकियाँ अक्सर #दर्द देती है..!!!

इश्क बहुत घना जहरीला जंगल है साहेब....
यहाँ साँप नही हमसफ़र ही डसा करतें हैं...

💕"क्यों कर लोग
जिंदगी मे आकर
जिंदगी को सजा देते हैं।
एक पल जोड़कर रिश्ता
दूजे ही पल तोड़ देते हैं"।।

गुमशुदा लगती है अब ये रातें ..
तुझसे अलग होने के बाद..
दीये जलते तो हैं पर रोशनी नहीं है कहीं..

बस यु ही लिखता हुँ..

ना रखो किसी से मोहब्बत की उम्मीद ऐ दोस्तों,
ख़ुदा की कसम.. लोग खूबसूरत बहुत है
पर वफ़ादार नहीं..!!

आदत जरा सी...
राहत जरा सी..

हमने चलना छोड़ दिया अब उन राहों में..
टूटे वादों के टुकड़े चुभते हैं अब पावों में..

आज आँसुओं का स्वाद जाना..
आँखो से लुढ़क कर जुबान पर आ चढ़े


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