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तेरे दर पर

तेरे दर तक आ पहुंचे हम….!! अपना पीछा करते-करते….!!

हम खाक-ए-जमी - Sad Shayari

हम खाक-ए-जमी - Sad Hasrat Shayari

हम खाक-ए-जमी होकर के
एक चाँद की हसरत कर बैठे
वो चीज बहुत ही ऊंची थी
हम जिससे मोहब्बत कर बैठे

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