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हैप्पी लोहड़ी शायरी 2024 - Happy Lohri Shayari 2024

इस लोहड़ी पर सबसे प्यारी शायरी से दें अपनों को हार्दिक शुभकामनाएं लोहड़ी पर्व भारत में प्रसिद्ध है और पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली में धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व मकर संक्रांति के पूर्व शाम को मनाया जाता है, जब सूर्य अपने उत्तरायण में प्रवेश करता है। इसे अग्नि का पर्व भी कहा जाता है, जिसमें लोग आग के आसपास इकट्ठा होते हैं , नाचते-गाते हैं और रात भर जलती हुई आग के आसपास मिलकर खाने-पीने का आनंद लेते हैं। इस त्योहार का महत्व है फसलों की फसल को समर्पित करना और धन की बरक्कत के लिए धन्यवाद देना। The Lohri festival is celebrated with great enthusiasm in Punjab, Haryana, Himachal Pradesh, and Delhi in India. This festival is observed on the eve of Makar Sankranti when the sun enters its northward journey. Also known as the festival of fire, people gather around bonfires, sing and dance, and enjoy food and drinks throughout the night. The significance of this festival lies in dedicating it to the harvest of crops and expressing gratitude for the blessings of wealth. इस से पहले क

दर्द भरी 20 हिन्दी शायरी

Top 20 Hindi Sad Shayari Collection

दिल को छू जाने वाली दर्द भरी शायरी । SAD Shayari and Bewafa Shayari Collection in Hindi

प्यार में टुटे हुए दिल का दर्द बताने के लिए पेश है ये खास 20 दर्द भरी शायरीयाँ। जिनसे आप अपने दिल का दर्द फेसबुक, व्हाट्सएप पर स्टेटस के रूप में बयान कर सकते है। उमीद है की आपके ये दर्द भरी शायरीयाँ पसन्द आएगी

देख कर मेरा नसीब मेरी तक़दीर रोने लगी,
लहू के अल्फाज़ देख कर तहरीर रोने लगी,
हिज्र में दीवाने की हालत कुछ ऐसी हुई,
सूरत को देख कर खुद तस्वीर रोने लगी।


मैंने कोशिश के बाद उसे भुला दिया,
​उसकी यादों को सीने से मिटा दिया,
​एक दिन फिर उसका पैगाम आया,
​लिखा था मुझे भूल जाओ और​,
मुझे हर लम्हा फिर याद दिला दिया​।


मेरे दिल को तोड़ कर तुम जाओगे जहाँ,
मेरी बात याद तुमको आयेगी वहाँ,
मैं तो अपना समझकर तुझे माफ कर दूंगा,
मगर माफ न करेगा तुमको ये जहाँ ।


तनहाई जब मुकद्दर में लिखी हैं,
तो क्या सिकायत, अपनों और बेगानों से,
हम मिट गए जिनकी चाहत में,
वो बाज नहीं आते हमको आजमाने से।


न करते शिकायत जमाने से कोई,
अगर मान जाता मनाने से कोई,
किसी को क्यूँ याद करता कोई,
अगर भूल जाता भुलाने से कोई।


समझा न कोई दिल की बात को,
दर्द दुनियाँ ने बिना सोचे ही दे दिया,
जो सह गए हर दर्द को हम चुपके से,
तो हमको ही पत्थर - दिल कह दिया।


करता रहा फरेब कोई सादगी के साथ,
इतना बड़ा मज़ाक मेरी जिंदगी के साथ,
शायद मिली सज़ा इस जुर्म का मुझे,
हो गया था प्यार मुझे एक अजनबी के साथ।



अश्कों से नहीं बुझते शोले दर्द-ए-प्यार के,
मौत भली इस लम्बे इंतजार से,
मरते हैं रोज बिना दीदार-ए-यार के,
तन्हाई अच्छी थी उस बेवफा के प्यार के


उनके लिए जब हमने भटकना छोड़ दिया,
याद में उनकी जब तरपना छोड़ दिया,
वो रोये बहुत आकर तब मेरे  पास,
जब हमारे दिल ने धड़कना छोड़ दिया।


कहाँ कोई मिला जिस पर दिल लुटा देते,
हर एक ने धोखा दिया किस - किस को भुला देते,
रखते हैं दिल में छुपा के अपना दर्द .....
करते बया तो सारा महफिल को रुला देते।


ऐ दस्तूर-ए-मोहब्बत,
जरा देख तो मेरा रोना,
था दिल के जो करीब,
था उसी को हमसे दूर होना,
जिसको खोने से डरते थे,
उसी को पड़ा आज खोना।


किसी दर्द को संभाल पाना आसान नहीं,
हंसते हुए हर पल बिता पाना आसान नहीं,
जिंदगी में हर कोई दिल में नहीं बस पाता,
और उस एक बसे हुवे को भूल पाना आसान नहीं।


क्यूँ दिल के करीब आ जाता हैं कोई,
क्यूँ दिल के एहसास को छू जाता हैं कोई,
जब आदत सी हो जाता हैं दिल को उसकी,
क्यूँ इतनी दूर चला जाता हैं कोई ?


आज एक दोस्त ने हमें रुला दिया,
जिस पर मरते थे उसने ही हमें भुला दिया,
हम तो उनकी यादों में ही जी लेते ......
मगर उन्होंने तो यादों में ही जहर मिला दिया।


लबों पे न कोई सवाल रखती थी,
कभी वो इतना ख़याल रखती थी,
खबर क्या थी की मुझे ही भूल जाएगी वो,
एक - एक चीज मेरी जो संभाल रखती थी।


जीवन का हर पन्ना तो रंगीन नहीं होता,
हर रोने वाला तो ग़मगीन नहीं होता,
एक ही दिल को कोई कब तक तोडता रहेगा ?
अब कोई तोडता भी हैं तो यकीन नहीं होता।


कितना दर्द है दिल में दिखाया नहीं जाता;
गंभीर है किस्सा सुनाया नहीं जाता;
एक बार जी भर के देख लो इस चहेरे को;
क्योंकि बार-बार कफ़न उठाया नहीं जाता!


तेरे लिए खुद को मजबूर कर लिया;
ज़ख्मो को अपने नासूर कर लिया;
मेरे दिल में क्या था ये जाने बिना;
तुने खुद को हमसे कितना दूर कर लिया!


वो नजर कहां से लाऊँ, जो तुम्हें भुला दे;
वो दुआ कहां से लाऊँ, जो इस दर्द को मिटा दे;
मिलना तो लिखा होता है तकदीरों में;
पर वो तकदीर ही कहां से लाऊँ, जो हम दोनों को मिला दे!


किसी और की बाहों में रहकर,
वो हम से वफा की बात करते हैं...!!!!
ये कैसी चाहत है यारों...?
वो बेवफा है जानकर भी,
हम उन्हीं से ही प्यार करते हैं....


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