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Uski Masrufiyat Mera Intzaar

सब उसकी., मसरूफियत में शामिल हैं...!! बस एक ., मुझ  बे-ज़रूरी के सिवा.....!! #Uski Masrufiyat 

हल्की सी आहट पे - Yaad Shayari

हल्की सी आहट पे - Yaad Shayari

हल्की सी आहट पे भी ये दिल धड़क जाता है,
तेरी खामोशी का शोर मुझ तक चला आता है,
तु कुछ ना कह मुझ से मे सुनती हूँ तेरी हर सदा,
मेरे शहर का हर परिंदा अब तेरी खबर लाता है..

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