रात गुमसुम - Jaam-e-Ishq Shayari




रात गुमसुम हैं मगर चाँद खामोश नहीं !
कैसे कह दूँ फिर आज मुझे होश नहीं !!
ऐसे डूबा तेरी आँखों के गहराई में आज !
हाथ में जाम हैं, मगर पिने का शोंक नहीं !!

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