05 September, 2016

जिंदगी भर खुद..

Sher-O-Shayari on Zindagi in Hindi, Life Shayari (Zindagi Shayari)
जिंदगी भर खुद के साथ रहा और,
दिल का हाल ना जाना..
बस्ती बस्ती फिरा मन बंजारा,
अपना ही घर नही पहचाना..
मुझको अब आवाज ना दो,
बीती हुई कहानी के किरदारो..
शाम ढले घर आया तो मुझको,
मेरा ही दर्पण नही पहचाना..

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