02 सितंबर, 2016

तेरी आँखों के दरिया

Mohobat Ke Dard Mein Bikhri Hui Shayari - Hindi Language
तेरी आँखों के दरिया का उतरना भी ज़रूरी था!
मोहब्बत भी ज़रूरी थी बिछड़ना भी ज़रूरी था!
ज़रूरी था की हम दोनों तवाफ़े आरज़ू करते,
मगर फिर आरज़ूओं का बिखरना भी ज़रूरी था !

1 टिप्पणियाँ:

  1. अज्ञानता को दूर करके ज्ञान की ज्योति जलाई है
    गुरुवार के चरणों मे रहकर हमने शिक्षा पाई है
    गलत राह पर भटके जब हम इन गुरुवर ने राह दिखाई है

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