कभी रो लेने दो - Dard-E-Ishq

कभी रो लेने दो  - Dard-E-Ishq Shayari in Hindi
कभी रो लेने दो अपने कंधे पर सिर रखकर मुझे,
की दर्द का बवंडर अब संभाला नही जाता।
कब तक छुपा कर रखें आखों मे इसे,
कि आसुओं का समन्दर अब संभाला नही जाता।

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