21 July, 2016

यूँ ही कलम थामे - Ishq Ho Jaye

यूँ ही कलम थामे - Ishq Ho Jaye
यूँ ही कलम थामे इश्क मुक्कमल हो जाए,
मैं लिखूँ उसे झील और वो कमल हो जाये,
हर्फ़ ढूँढने में मदद करेंगे बेसिहाब पन्ने,
मैं लिखूँ अंजुमन और वो ग़ज़ल हो जाये।

1 comments:

  1. अगर तुम उड़ नहीं सकते हो दौड़ो , दौड़ नहीं सकते तो चलो , चल नहीं सकते तो रैंगो पर आगे की तरफ बढ़ते चलो |

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