लम्हों की आग - Love Shayari

Ishq and Payar Wali Hindi Shayari
लम्हों की आग मेँ, मुहब्बत सदियोँ जलती है,
अपने समन्दर से मिलने नदिया मीलों चलती है,
इश्क़ मेँ अग़र जज़्बा इबादत का हो तो अपनी..
मन्ज़िल के राही से मुहब्बत खुद जाकर मिलती है।

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