30 May, 2016

होंठ - Intezaar Wali Hindi Shayari

होंठ - Intezaar Wali Hindi Shayari
होंठ कह नहीं सकते जो फ़साना दिल का,
शायद नज़रों से वो बात हो जाए,
इस उम्मीद से करते हैं इंतज़ार रात का,
कि शायद सपनों में ही मुलाक़ात हो जाए !

2 comments:

  1. Bahut asaan tha, tumhara khafa ho jana.....
    Mumkin nahi tha zahar ka, dawaa ho jana.....
    Vo tere jaane ki nishani main samajh nahi psya.....
    Meri har baat pe, tumhara yun khafa ho jan.....

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  2. शब्दों को होठो पर रखकर दिल के भेद ना खोलो,
    मैं आँखों से सुन सकता हूँ तुम आँखों से बोलो..

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