17 May, 2016

टीचर हूँ कुछ और नही

Hindi Shayari for a Teacher
नेता नहीं ,एक्टर नहीं, रिश्वत खोर नहीं,
शुक्र हैं टीचर हूँ कुछ और नही...

मैं बाईक में घूमने वाला गरीब हूँ,
न मैं किसी पार्टी के करीब हूँ...
किसी रोहित वेमुला के मर्डर पर मैं लड़ता नही,
कभी राष्ट्रीयता की बहस में पड़ता नहीं..
मैं जन धन का लूटेरा या टैक्स चोर नहीं ,
शुक्र हैं टीचर हूँ कुछ और नहीं...

न मेरे पास मंच पर चिल्लाने का वक्त हैं ,
न मेरा कोई दोस्त अफज़ल याकूब का भक्त हैं...
न मुझे देश में देश से आज़ादी का अरमान हैं,
न मुझे 2-4 पोथे पढ़ लेने का गुमान हैं...
मेरी मौत पर गन्दी राजनीति नहीं, कोई शोर नही,
शुक्र हैं टीचर हूँ कुछ और नही...

मेरे पास मैडल नही वापस लौटाने को,
नक़ली आँसू भी नही बेवजह बहाने को...
न झूठे वादे हैं, न वादा खिलाफी हैं,
कुछ देर चैन से सो लू इतना ही काफी हैं...
बेशक खामोश हूँ मगर कमज़ोर नही,
शुक्र करो कि टीचर हूँ कुछ और नही।

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