10 April, 2016

Dard Bhari Shayari Collection

हर घडी सोचते है भलाई तेरी,
सुन नहीं सकते बुराई तेरी,
हंसते-हंसते रो पड़ती है आंखे मेरी,
इस तरह से रहती है जुदाई तेरी..

उसकी जुदाई को लफ़जों में कैसे बयान करूं,
वो रहता दिल में है,
धड़कता दर्द में है,
और बहता आँसुओं में है ।

ठुकराया मैंने भी है बहुतों को,
अपनी जिंदगी में..!!
शायद तेरा ठुकराना उन सबकी,
बद दुआओं का असर होगा..!!

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