जिंदगी तुझसे - Life Shayari

जिंदगी तुझसे हर कदम पर..
 समझौता क्यों किया जाऐ,
शौक जीने का है मगर इतना भी नहीं
 कि मर मर कर जिया जाए,
जब जलेबी की तरह,
 उलझ ही रही है तू ए जिंदगी...
तो फिर क्यों न तुझे चाशनी में डुबा कर
 मजा ले ही लिया जाए!

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