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तेरे दर पर

तेरे दर तक आ पहुंचे हम….!! अपना पीछा करते-करते….!!

किस हद तक - Life Shayari

किस हद तक जाना है ये कौन जानता है,
किस मंजिल को पाना है ये कौन जानता है,
जिन्दगी के दो पल हैं, जी भर के जी लो,
किस रोज़ बिछड जाना है ये कौन जानता है।।

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