13 March, 2016

‪‎होठों‬ पे - Ishqiya Shayari

‪‎होठों‬ पे उलफत का नाम होता है,
आखों में छलकता ‪‎जाम‬ होता है,
‪‎तलवारों‬ की जरुरत वहां कैसे हो,
जहां नजरों से ‪‎कतल‬-ऐ-आम होता है।

0 comments

Post a Comment