03 फ़रवरी, 2016

जुदाई में

आपको पा कर अब खोना नहीं चाहते,
इतना खुश हो कर अब रोना नहीं चाहते,
ये आलम है हमारा आपकी जुदाई में,
आँखों में नींद है मगर सोना नहीं चाहते...

0 टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें