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Uski Masrufiyat Mera Intzaar

सब उसकी., मसरूफियत में शामिल हैं...!! बस एक ., मुझ  बे-ज़रूरी के सिवा.....!! #Uski Masrufiyat 

जिन्दगीं में - Shayari for Mother's Love

जिन्दगीं में उस का दुलार काफी हैं,
सर पर उस का हाथ काफी हैं,
दूर हो या पास…क्या फर्क पड़ता हैं,
माँ का तो बस एहसास ही काफी हैं !

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