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Uski Masrufiyat Mera Intzaar

सब उसकी., मसरूफियत में शामिल हैं...!! बस एक ., मुझ  बे-ज़रूरी के सिवा.....!! #Uski Masrufiyat 

Zameen Jal Chuki Hai

Zameen Jal Chuki Hai
जमीन जल चुकी है आसमान बाकी है,
दरख्तों तुम्हारा इम्तहान बाकी है,
वो जो खेतों की मेढ़ों पर उदास बैठे हैं,
उन्ही की आखों में अब तक ईमान बाकी है,
बादलों अब तो बरस जाओ सूखी जमीनों पर,
मकान गिरवी है और लगान बाकी है..

.....किसान....

Comments

  1. आप के ब्लॉग की जितनी भी तारीफ की जाए कम है देखे भारतीय सिनेमा की हर खबर एक क्लिक पर http://www.guruofmovie.com

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