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Uski Masrufiyat Mera Intzaar

सब उसकी., मसरूफियत में शामिल हैं...!! बस एक ., मुझ  बे-ज़रूरी के सिवा.....!! #Uski Masrufiyat 

Jalte Huye Diye Ko

Patriotic Poetry and Shayari
जलते हुए दिए को परवाने क्या बुझायेंगे,
जो मुर्दों को नही जलाते वो जिन्दो को क्या जलाएंगे।
ना हम शैतान से हारे ना हम हैवान से हारे,
कश्मीर मे जो आया तूफान ,ना हम उस तूफान से हारे।
यही सोच कर ऐ पाकिस्तान, हमने तेरी जान बक्शी है,
शिकारी तो हम है मगर, हमने कभी कुत्ते नहीं मारे।।

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