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Uski Masrufiyat Mera Intzaar

सब उसकी., मसरूफियत में शामिल हैं...!! बस एक ., मुझ  बे-ज़रूरी के सिवा.....!! #Uski Masrufiyat 

Uth-Uth Ke - Hindi Sad Shayari

Uth-Uth Ke - Hindi Sad Shayari
उठ-उठ के बैठते हैं रातों का हाल है,
दिन एक गुजरता है जैसे एक साल है,
फिर भी न हो यकीन मेरी आँखों से पूछ लो,
जब से गए हो आज तक गीला रुमाल है ।।

Comments

  1. दो अस्क मेरी याद मे बहा जाते तो क्या जाता...
    चन्द कालिया लाश पे बिछा जाते तो क्या जाता ...
    आये हो मेरी मय्यत पर सनम नक़ाब औढकर तुम ...
    अगर ये चांद का टुकडा दिखा जाते तो क्या जाता...

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  2. आप के ब्लॉग की जितनी भी तारीफ की जाए कम है देखे भारतीय सिनेमा की हर खबर एक क्लिक पर http://www.guruofmovie.com

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