Kahan Hai Bhagwan - Life Shayari

Kahan Hai Bhagwan - Life Shayari
नेपाल हिला, भारत हिला और हिल गया पाकिस्तान,
न मसीह आए, न अल्लाह आए और कहाँ गए भगवान ?
हैं कौन हिन्दू, कौन ईसाई और कौन है मुसलमान,
प्रकृति के आगे है बेबस हर इंसान ।।
हैं समान सब उसकी नजर में,
वहाँ नहीं चलता बाइबल, वेद और कुरान।
मत उलझ इस पाखण्ड में,
अब तो जाग जा ए मूर्ख इंसान ।।

Comments

  1. खुदा जब खुद नाराज होते हैं ,तब यह सीख देना चाहते हैं
    सावधान!मेरी शक्ति तेरे काले धन /भ्रष्टाचार /सुरक्षा
    सब को देगा नष्ट -भ्रष्ट चूर्ण.
    ईमानदारी -सरल जीवन उच्च विचार ,तू तो क़त्ल करते हो खुदा के नाम पर,
    भगवान के नाम लेकर लूटते हो.aashram में अन्तःपुर सन्यासी के नाम आडम्बर सोना चाँदी सिंहासन
    तब तो प्रलय होगा ही .जल थल वायु .

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  2. Ishq Mein Khawab Ka Khayal Kise;Na Lagi Aankh Jab Se Aankh Lagi!

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