11 March, 2015

Duniya Me Imaan Nahi - Zindagi Ki Shayari

Duniya Me Imaan Nahi - Zindagi Ki Shayari
दुनिया में ईमान नहीं है
फिर भी तू हैरान नहीं है..
तू जो बेईमान नहीं है
कोई बेईमान नहीं है..
तुमको मैं पहचान रहा हूँ
तुमसे बस पहचान नहीं है..

कैसे कह दूं तुमसे मिलकर
धरती पर इंसान नहीं है..
तेरा हक़ तुझको देते हैं
ये उनका अहसान नहीं है..
उसके आगे क्यों रोऊँ मैं
वो कोई भगवान नहीं है..
जिससे दीया बुझ जाएगा
ऐसा भी तूफ़ान नहीं है।

4 comments:

  1. जग में तूफान -आंधी -सुनामी होता है,भूकंप भी ;
    नहीं कह सकते मनुष्य मन ,दयालु के बीच एक निर्दयी है काफी
    एक घड़े भर की भात में ,एक बूँद विष भी काफी;
    प्यार भरा संसार है तो घृणा की बात क्यों;
    सत्य बार संसार हो तो असत्य का अस्तितिव क्यों?
    सुख मय संसार् है तो दुःख कीबात क्यों?
    फूल ही फूल है तो कांटे भी तो है साथ ही;
    मृदु रेत है तो उसमें कंकट भी मिश्रित है.

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    1. Jeevan me yadi dukh na ho or sukh hi sukh ho to wo jeevan he kya hai

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  3. आपसे विनम्र निवेदन है कि जब भी कोई कविता या शायरी या ग़ज़ल पेस्ट या शेयर करें, कृपया, शायर/कवि का नाम अवश्य लिखें. इससे आपकी और शायर/कवि दोनों की ही विश्वसनीयता बनी रहेगी और पाठकों को भी पता चलेगा कि आखिर ये रचना किसकी है. अच्छा होगा यदि आप इस रचना के नीचे इसके शायर/कवि ‘डॉ. राकेश जोशी’ का नाम लिखेंगे.
    कृपया, मेरे निवेदन को अन्यथा नहीं लेंगे.
    सादर,
    डॉ. राकेश जोशी

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