Mohobat Ke Labon Par - Love Shayari for You




मुहब्‍बत के लबोँ पर,फिर वही तकरार बैठी है!
एक प्‍यारी सी मीठी सी,कोई झनकार बैठी है!
तुझसे दूर रहकर के हमारा हाल है ऐसा,
मैँ तेरे बिन, तू मेरे बिन, वहाँ बेकार बैठी है !

Comments

  1. आप के ब्लॉग की जितनी भी तारीफ की जाए कम है देखे भारतीय सिनेमा की हर खबर एक क्लिक पर http://www.guruofmovie.com

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