Ishq Tere Fareb Mein - Love Hindi Shayari




इश्क तेरे फरेब में, ये किस मुकाम तक आ गये,
घुट घुट के जिये, ऐसे की शमशान तक आ गये,
मेरे नेकी के चर्चे रहे, ज़माने में कुछ इस तरह,
कि फ़रिश्ते मुझे ढूढते, मेरे मकान तक आ गये,
मेरा सादगी से रहना ही, मेरा गुनाह हो गया,
कुछ जाहिलो के हाथ, मेरे गिरेबान तक आ गये,
इस हुकूमत के दौर में, अब क्या होगा इंसाफ,
जब इंसाफ की कुर्सियों पे, बे-इमान तक आ गये..

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