Aandhiyo Ke Rukh Se - Shayari for Narender Modi

आँधियों के रुख से सिंहासन डोलने लगे है!!
इंसानी जजबातो को तराजु में तौलने लगे है!!
ये है हमारे मोदी जी का जलवा कि
सिंहासन खोने के डर से गूँगे भी बोलने लगे है!!

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