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Uski Masrufiyat Mera Intzaar

सब उसकी., मसरूफियत में शामिल हैं...!! बस एक ., मुझ  बे-ज़रूरी के सिवा.....!! #Uski Masrufiyat 

Aadat Badal Du Kaise - Love Shayari for you

आदत बदल दूँ कैसे तेरे इन्तिज़ार की,
ये बात अब नहीं है मेरे इख़्तियार की,
देखा भी नहीं तुझ को कभी फिर भी तुझे याद करते है,
बस ऐसी ही खुशबू हो तुम्हारे दिल में मेरे प्यार की ।।

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