15 August, 2014

Meri Gazal Ki Tarha - Hindi Shayari

मेरी ग़ज़ल की तरह उसकी भी हुकूमत है;
तमाम मुल्क में वो सबसे खूबसूरत है;
कभी-कभी कोई इंसान ऐसा लगता है;
पुराने शहर में जैसे नयी ईमारत है;
बहुत दिनों से मेरे साथ थी मगर कल शाम;
मुझे पता चला वो कितनी खूबसूरत है;
ये ज़ाईरान-ए-अलीगढ़ का खास तोहफ़ा है;
मेरी ग़ज़ल का तबर्रुक दिलों की बरकत है।