21 July, 2014

Kuch Es Kadar - Bachelor Hindi Shayari

कुछ इस कदर बढ़ने लगी, इस देश मेँ महंगाई....
मिलती नहीँ है आजकल, हम जैसोँ को लुगाई....
मैँ ये नहीँ कहता कि, लड़कियाँ पैसोँ पे मरती हैँ....
पर सालाना इन्कम, 20 लाख रु. डिमांड करती हैँ....
लड़का भले ही काला हो, शराबी हो या जुआरी हो....
लेकिन उसके घर के बाहर मर्सिडीज या सफारी हो....
हर दिन शॉपिँग ले जाए, ऐसी ख्वाहिश रखती हैँ....
संडे के संडे मूवी की, पहले फरमाईश रखती हैँ....
हम जैसा कोई मध्यम वर्ग का, दूल्हा किसको भाएगा....
महंगाई के दौर मेँ प्यारे, बिन ब्याहे मर जाएगा....
ऐसी विकट समस्या पर, सरकार भी कदम नहीँ उठाती....
हम मासूम कुँवारो के लिए,  बजट कभी क्यूँ नहीँ लाती...

3 comments:

  1. देखे दुनिया के सबसे बेहतरीन ब्लॉग में से एक ब्लॉग http://www.guruofmovie.com

    ReplyDelete
  2. Really impressed! Everything is very open and very clear clarification of issues. It contains truly facts. Your website is very valuable. Thanks for sharing. best female strippers in Miami

    ReplyDelete