20 March, 2014

Mita Sake Jo Dard Tera - Hindi Shayari

मिटा सके जो दर्द तेरा
 वो शब्द कहाँ से लाऊँ...
चूका सकूं एहसान तेरा
 वो प्राण कहाँ से लाऊँ...
खेद हुआ है आज मुझे
 लेख से क्या होने वाला...
लिख सकूं मैं भाग्य तेरा
 वो हाथ कहाँ से लाऊँ...
देखा जो हालत ये तेरा
 छलनी हुआ कलेजा मेरा...
रोक सके जो अश्क मेरे
 वो नैन कहाँ से लाऊँ...
ख़ामोशी इतनी है क्यों
 क्या गूंगे बहरे हो गए सारे...
सुना सकूं जो हालत तेरी
 वो जुबाँ कहाँ से लाऊँ...
चिल्लाहट पहुँचा सकूं मैं
 बहरे इन नेताओ को...
झकझोर सकूं इन मुर्दॊ को
 वो अलफाज कहाँ से लाऊँ...|