05 August, 2013

Kitne Parwane Jale Raaz Yeh Pane Ke Liye - Love Shayari

कितने परवाने जले राज ये पाने के लिए,
शमा जलने के लिए है या जलाने के लिए,
रोने वाले तुझे रोने का सलीका भी नहीं,
अश्क पीने के लिए है या बहाने के लिए,
आज  कह दुँगा शब-ऐ-गम से..
रोज आ जाता है कम्बखत सताने के लिए,
मुझ को मालुम था आप आऐंगे मेरे घर लेकिन,
खुद चला आया हुँ मैं याद दिलाने के लिए..


Kitne Parwane Jale Raaz Yeh Pane Ke Liye
Shama Jalne Ke Liye Hai Ya Jalane Ke Liye
Rone Wale Tujhe Rone Ka Saliqa Bhi Nahi
Ashq Peene Ke Liye Hain Ya Bahane Ke Liye
Aaj Keh Dunga Shab-E Ghum Se
Roz Aa Jata Hai Kambakht Satane Ke Liye
Mujh Ko Maloom Tha Aap Ayenge Mere Ghar Lekin
Khud Chala Aya Hun Main Yaad Dilane Ke Liye

1 comments:

  1. आप के ब्लॉग की जितनी भी तारीफ की जाए कम है देखे भारतीय सिनेमा की हर खबर एक क्लिक पर http://guruofmovie.blogspot.in/

    ReplyDelete