22 March, 2013

Zindagi Banane K Liye..

Meri Zindgi Ki Shayari (in Hindi)
जिंदगी बनाने के लिए,
घर से दूर निकल आया हूँ,
सपनो को पाने की चाहत में,
अपनों को दूर छोड़ आया हूँ,
सुख साधन कितने ही समेट लूं,
मेरा घर आज भी याद आता है,
चाहूं तो सारी दुनिया को नाप लूं,
आखिर में माँ के हाथ का खाना याद आता है,
बीमार जब होता हूँ तो इलाज तो मिल जाता है,
पर जब दावा न काम आती तो माँ का दुलार याद आता है,
अब तो बस कोसता हूँ अपने आप को,
की क्या करने चला आया हूँ,
जिंदगी बनाना चाहता था मैं ..
और जिंदगी से ही दूर चला आया हूँ...



Zindagi Banane K Liye,
Ghar Se Dur Nikal Aya Hu,
Sapno Ko Pane Ki Chahat Me,
Apno Ko Dur Chod Aya Hu,
Sukh Sadhan Kitne Hi Samet Lu,
Mera Ghar Aaj Bhi Yaad Ata Hai,
Chahe To Sari Duniya Ko Naap Lu,
Akhir Me Maa K Hath Ka Khana Yaad Ata Hai,
Bimaar Jab Hota Hu To Ilaaj To Mil Jata Hai,
Par Jab Dawa Na Kaam Ati To Maa Ka Dular Yaad Ata Hai,
Ab To Bas Kosta Hu Apne Aap Ko,
Ki Kya Karne Chala Aya Hu,
Zindgi Banana Chahta Tha Mai,
Aur Zindgi Se Hi Dur Chala Aya Hu,



Meri Zindgi Ki Shayari (in Hindi)


2 comments:

  1. आप के ब्लॉग की जितनी भी तारीफ की जाए कम है देखे भारतीय सिनेमा की हर खबर एक क्लिक पर http://guruofmovie.blogspot.in/

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