29 March, 2013

Dard Bhari Shayari - Ek Baar Hi

Dard Bhari Shayari - Ek Baar Hi
एक बार ही जी भर के सज़ा क्यूँ नहीं देते ?
मैं हर्फ़-ए-ग़लत हूँ तो मिटा क्यूँ नहीं देते ?
मोती हूँ तो दामन में पिरो लो मुझे अपने,
आँसू हूँ तो पलकों से गिरा क्यूँ नहीं देते ?
साया हूँ तो साथ ना रखने कि वज़ह क्या ,
पत्थर हूँ तो रास्ते से हटा क्यूँ नहीं देते ?


Ek Baar Hi Jee Bhar K Saza Kyo Nahi Dete?
Mai Harf-E-Galat Hun To Mita Kyo Nahi Dete?
Moti Hun To Daman Mein Piro Lo Mujhe Apne,
Aansu Hun To Palko Se Gira Kyun Nahi Dete?
Saya Hun To Sath Na Rakhne Ki Wajah Kya?
Pathar Hun To Raste Se Hata Kyun Nahi Dete?

3 comments:

  1. देखे दुनिया के सबसे बेहतरीन ब्लॉग में से एक ब्लॉग http://guruofmovie.blogspot.in/

    ReplyDelete
  2. रेत पर नाम कभी लिखते नहीं
    रेत पर लिखे नाम कभी टिकते नहीं
    तुम कहते हो पत्थर दिल हूँ मैं
    पत्थर पर लिखे नाम कभी मिटते नहीं

    ReplyDelete