15 January, 2013

मियां मैं शेर हूँ - Meeyan Mai Sher Hu

Hindi Shayari - meeyan mai sher hu
मियां मैं शेर हूँ
शेरो की गुर्राहट नहीं जाती
मैं लहज़ा नरम भी कर लू
तो झिन्झालाहत नहीं जाती

मैं एक दिन बेखयाली में
सच बोल बैठा था
मैं कोशिश कर चुका हूँ
मुंह की कड़वाहट नहीं जाती

जहाँ मैं हूँ वहाँ
आवाज़ देना जुर्म ठहरा है
जहाँ वो हैं वहाँ तक
पांव की आहट नहीं जाती

मोहब्बत का ये ज़ज्बा
जब खुदा की देन है भाई
तो मेरे रास्ते से क्यूँ
ये दुनियाहत नहीं जाती

वो मुझ से बे तकल्लुफ
हो के मिलता है मगर राणा
ना जाने क्यों मेरे चेहरे से
घबराहट नहीं जाती

2 comments:

  1. Rubbish..........

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  2. आप के ब्लॉग की जितनी भी तारीफ की जाए कम है देखे भारतीय सिनेमा की हर खबर एक क्लिक पर http://guruofmovie.blogspot.in/

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