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Uski Masrufiyat Mera Intzaar

सब उसकी., मसरूफियत में शामिल हैं...!! बस एक ., मुझ  बे-ज़रूरी के सिवा.....!! #Uski Masrufiyat 

कुछ तबियत - Kuch Tabiyat

Hindi Love Shayari - Kuch Tabiyat
कुछ तबियत ही मिली थी ऐसी
चैन से जीने की सूरत न हुई
जिसे चाहा उसे अपना न सके
जो मिला उस से मुहब्बत न हुई.

Kuch tabiyat hi mili thi aisi,
Chainn se jeene ki surat na hui,
Jise chaha usse apnaa na sake,
Jo mila uss se mohobat na hui.


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