04 December, 2012

घायल हिंदुस्तान - Ghayal Hindustan

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चंद सिक्को में बिकता ईमान देख रहा हूँ
लोगो का पेट काटते झूठे बेईमान देख रहा हूँ
कैसा करिश्मा है देखो इस अंधे कानून का
कुर्सियों पर चोरो को विराजमान देख रहा हूँ
इक दूजे का गला काटते देख रहा हूँ
क्या क्या नहीं देख रहा अब मत पूछ मुझसे
सूनी नजरो से घायल हिंदुस्तान देख रहा हूँ.

5 comments:

  1. very good
    nice yaar aisa hi apna desh ho chuka hai

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  2. tum jasa log yadi dash ma ho to dash ko koi kokala nahi kar sakta
    jay hind

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  3. very good Hindustan ke fauzi

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  4. आप के ब्लॉग की जितनी भी तारीफ की जाए कम है देखे भारतीय सिनेमा की हर खबर एक क्लिक पर http://guruofmovie.blogspot.in/

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