21 August, 2012

अभी इस तरफ - Abhi Es Taraf

Abhi Es Taraf - Love Shayari
अभी इस तरफ निगाह ना कर,
 मै गज़ल की पलक सवार लूँ,
मेरा लफज़-लफज़ हो आईना..
 तुझे आईने में उतार लूँ,
मैं तमाम शब की थकी हुई,
 तु तमाम शब का जगा हुआ,
जरा ठहर जा इसी मोड पर..
 तेरे साथ शाम गुज़ार लूँ,
अगर आसमान की नुमाइशों में..
 मुझे भी इंज-ए-क्याम हो..
तो मैं मोतियों की दुकान से..
 तेरा चेहरा ओर भी निखार लूँ,
कुछ अजनबी तेरे शहर के,
 मेरे पास से युँ गुज़र गए..
उन्हें देख के ये तडप हुई,
 उन्हें तेरा नाम ले के पुकार लूँ..

Abhi is taraf Nigah Na kar,
 Main ghazal ki palke sanwar loon,
Mera lafz lafz ho Aaina..
 tujhe Aaine me utaar loon,
Main tamam shab ki thaki hui..
 Tu tamam shab ka jaga hua,
Zara thehr ja isi morh per..
 Tere sath sham guzar loon,
Agar asman ki numaishon me..
 Mujhe b Izn-e-Qayam ho,
To main motiyon k dukhan se..
 Tera chehra or b Nikhar loon,
kuch ajnabi tere shehr k,
 Mere pas se u guzar gaye,
Unhe dekh k ye tarap hui,
 Unhe tera naam le k pukar loon,

2 comments:

  1. आप के ब्लॉग की जितनी भी तारीफ की जाए कम है देखे भारतीय सिनेमा की हर खबर एक क्लिक पर http://guruofmovie.blogspot.in/

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