20 July, 2012

एक ही तमना - Ek hi tamanna

ek tamanna - love shayari
एक ही तमना रही एक ज़माने से,
बने हमारे भी अपने बनाने से,
दुनियाँ की नज़र और हमारी नज़र में इतना अंतर क्युँ रहा,
कोई हमें समझा ही नहीं..
..... हमारे सच्चे देस्ताने से...



Ek hi tamanna rahi ek zamane se,
bane hamare bhi apne banane se,
dunia ki nazar aur hamari nazar me itna
antar kyu raha.
koi hame samajha hi nahi hamare sachche
dostane se…..

2 comments:

  1. आप के ब्लॉग की जितनी भी तारीफ की जाए कम है देखे भारतीय सिनेमा की हर खबर एक क्लिक पर http://guruofmovie.blogspot.in/

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