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Uski Masrufiyat Mera Intzaar

सब उसकी., मसरूफियत में शामिल हैं...!! बस एक ., मुझ  बे-ज़रूरी के सिवा.....!! #Uski Masrufiyat 

डर लगता है

अब तेरे बारे में सोचने में भी डर लगता है
खो न जाऊ इस दुनिया की भीड़ में
अब तो किसी से मिलने से भी डर लगता है
बहुत खुश था , जब से तुम मिली थी
पवन के साथ साथ मै भी चल रहा था
...तुम्हारे ही ख्यालो में खोया रहता था
अब तो ख्यालो में जाने से भी डर लगता है
अब तो अकेला ही रहने को दिल करता है
तेरी यादो से दूर ही जीने को दिल करता है
अब भूल के भी कभी ना आना
मुझ से दूर ही अपना घर बसा लेना
अब तो घर बनाने को भी दिल नहीं करता है
जिन्दगी के सफ़र में तनहा ही चलने को दिल करता है
अब तेरे बारे में सोचने में भी डर लगता है ...

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