17 December, 2011

सर्दी स्पैशल

सर्दी के मौसम का मजा अलग सा है,
  रात मे रजाई का मजा अलग सा है,
धुंध ने आकर छिपा लिया सितारों को,
  आपकी जुदाई का ऐहसास अब अलग सा है।

सर्द रातों को सताती है जुदाई तेरी,
  आग बुझती नहीं सीने में लगाई तेरी,
जब भी चलती हैं हवाऐं..
  दिल को आ जीती है फिर से याद तेरी।


आ जा अभी सर्दी का मौसम नही गुजरा,
  पहाड़ो में अभी भी बर्फ जमी है..
सब कुछ है मेरे पास मगर..
  सिर्फ इक तेरी ही कमी है...

दिल की धडकने रुक सी गई हैं,
  साँसे मेरी धम सी गई हैं...
पुछा हमने दिल के डाक्टर से.....
........ तो पता चला..
सर्दी के कारण आपकी यादें....
.... दिल में जम सी गई हैं....



Sardi ke mausam ka maja alag sa hai
  Raat mein rajai ka maja alag sa hai
Dhund ne aaker chupa liya sitaron ko
  Aapki judai ka ahsaas ab alag sa hai…

Sard raaton ko satati hai judai teri
  Aag bhujti nahi seene mein lagai teri
Jab bhi chalti hain hawayein
  Dil ko aa jati hai yaad teri…

Aa ja abhi sardi ka mausam nahi gujra
  Pahadon per abhi bhi baraf jami hai
Sab kuch to hai mere paas
  Sirf teri hi ek kami hai…

Dil ki dhadkane ruk si gayi hain
 Sansein meri tham si gayi hain
Pucha humne dil ke doctor se to pta chala
 sardi ke karan aapki yadein dil mein jam si gayi hai