09 October, 2011

लाल जोड़े में - Laal Jorey Main

आज दुल्हन के लाल जोड़े में उसे.....
...... उसकी सहेलियों ने सजाया होगा,
मेरी जान के गोरे हाथों को मेहन्दी से सजाया होगा,
बहुत गहरा चढा होगा मेहन्दी का रंग...
उस मेहन्दी में उसने मेरा नाम छुपाईया होगा,

रह रह कर रो पडी होगी........
........जब उसको मेरा ख्याल आया होगा,
खुद को देखा होगा जब आईने में......
...... तो अकस मेरा भी नज़र आया होगा,

बहुत प्यारी लग रही है वो आज,
देख कर उसको चाँद भी शरमाया होगा....
आज मेरी जान नें फिर.......
....... अपने माँ-बाप की इज्जत को बचाया होगा,
उसने बेटी होने का फर्ज निभाया होगा...

सोचता हुँ किस तरह उसने खुद को समझाया होगा..
अपने हाथों से मेरे खतों को जलाया होगा...
खुद को मजबूत बना कर मेरी यादो को मिटाया होगा..
भूखी होगी वो.. जानता हुँ मैं...
मेरे बिना उसने कुछ ना खाया होगा...

सच मे दिल को छु लिया... Plz Comment..



Aaj dulhan ke laal jorey main usey uski saheliyo ne sajaya hoga,
Meri jaan ke gorey haathon ko mehendi se sajaya hoga,
Bahut gehra chadha hoga mehendi ka rang
Us meheni main usne.. mera naam chupaya hoga,
Reh reh ke ro padi hogi..... jab usko mera khayal aaya hoga,
Khud ko dekha hoga jab aainey main.....
..To akks mera bhi nazar aaya hoga,
Bahut pyaari lag rahi hai woh aaj
Dekh kar usko chand bhi sharmaya hoga,
Aaj meri jaan ne apne maa baap ki izzat ko bachaya hoga,
Usne beti honey ka har farz nibhaya hoga,
Sochta hun kis tarha usne khud ko samjhaya hoga,
Apne haatho se hamarey khaton ko jalaya hoga,
Khud ko mazbut banakar meri yaadon ko mitaya hoga,
Bukhi hogi woh jaanta hum main
Merey bina usne kuch na khaya hoga.