30 जुलाई, 2010

दो आदमी


दो आदमी कबरीस्तान में बैठे थे.. एक ने कहा..

ये लोग बड़े आराम से सोते है


एक कबर से मुर्दा उठा और बोला

क्यों ना साऐं ये जगह जान दे के हासिल की है
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